उत्तर प्रदेश में बड़ा क्राइम सिंडिकेट बेनकाब, रातों-रात अमीर बनाने की चाहत में ऐसे बना शातिर गैंग, पुलिस ने मारा छापा
उत्तर प्रदेश में अपराधियों और साइबर ठगों के खिलाफ कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाकर करोड़ों की ठगी कर रहा था। इस खुलासे के बाद से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
कैसे चल रहा था यह पूरा फर्जीवाड़ा? (The Modus Operandi):
जांच में सामने आया है कि ये शातिर अपराधी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को स्टॉक मार्केट ट्रेनिंग और आईपीओ (IPO) में ऊंचे मुनाफे का लालच देते थे।
व्हाट्सएप ग्रुप का जाल: विज्ञापनों के झांसे में आने वाले लोगों को विशेष व्हाट्सएप ग्रुप्स (जैसे ‘VIP9-6 ACI Exclusive Guidance Group’) में जोड़ा जाता था।
फर्जी ऐप और मुनाफा: ठग ग्रुप में फर्जी प्रॉफिट के स्क्रीनशॉट शेयर करते थे और लोगों को एक फर्जी ऐप (जैसे ACI Century App) डाउनलोड करवाकर उसमें पैसे निवेश करने के लिए उकसाते थे। ऐप के डैशबोर्ड पर केवल फर्जी आंकड़े दिखाए जाते थे ताकि निवेशकों का भरोसा जीता जा सके।
दुबई तक जुड़े तार: ठगी के इन पैसों को फर्जी कंपनियों के खातों के जरिए घुमाकर क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदला जाता था और फिर दुबई में बैठे सहयोगियों तक पहुंचाया जाता था।
STF की बड़ी कार्रवाई:
यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड के देहरादून से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, और नकदी बरामद की है। शुरुआती जांच में पता चला है कि नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर इस नेटवर्क से जुड़ी हजारों शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस और प्रशासन की अपील:
प्रशासन ने आम जनता से सख्त अपील की है कि वे किसी भी अनजान सोशल मीडिया लिंक, बिना मान्यता वाले ट्रेडिंग ऐप या रातों-रात अमीर बनाने वाले वादों के चक्कर में बिल्कुल न आएं। थोड़ी सी लालच आपकी गाढ़ी कमाई को डूबा सकती है।
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