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Sharad Navratri 2026 Day 5: आज नवरात्रि के पाँचवें दिन करें माँ स्कंदमाता की पूजा, जानिए स्वरूप, मंत्र, भोग और महिमा

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​ वाराणसी: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। नवरात्रि के पाँचवें दिन माँ दुर्गा के पाँचवें स्वरूप 'माँ स्कंदमाता' की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण इन्हें 'स्कंदमाता' कहा जाता है। माँ अपने भक्तों पर अपनी ममता बरसाती हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। ​ माँ स्कंदमाता का स्वरूप: माँ स्कंदमाता सिंह (शेर) पर सवार हैं। उनकी चार भुजाएँ हैं। दाहिने तरफ की ऊपर वाली भुजा में भगवान स्कंद (बाल रूप में कार्तिकेय) को गोद में बैठाए हुए हैं और उसी तरफ की नीचे वाली भुजा में कमल का फूल है। बाईं तरफ की ऊपर वाली भुजा में वरमुद्रा तथा नीचे वाली भुजा में भी कमल का पुष्प सुशोभित है। इनका वर्ण पूर्णतः श्वेत है और यह कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, इसीलिए इन्हें 'पद्मासना देवी' भी कहा जाता है। ​ पूजा का महत्व और भोग: स्कंदमाता की पूजा करने से साधक को अलौਕिक तेज की प्राप्ति होती है। उनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। माता को भोग ...

​🔴 Breaking News: जयपुर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, हायजैक अलर्ट से मचा हड़कंप!

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जयपुर / नई दिल्ली (ब्लॉग डेस्क): आज भारतीय विमानन क्षेत्र और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी और सांसें रोक देने वाली खबर सामने आई है। फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-2030) को अचानक जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट कर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।   ​🚨 क्या है पूरा मामला? ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब यह अंतरराष्ट्रीय उड़ान भारतीय हवाई क्षेत्र (Mumbai FIR) के पास पहुंची, तब अचानक विमान के पायलट द्वारा अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोंडर कोड 7500 दबा दिया गया। यह कोड आमतौर पर हायजैक (विमान अपहरण) या अनधिकृत हस्तक्षेप का आपातकालीन संकेत देने के लिए उपयोग किया जाता है।   ​जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को यह सिग्नल मिला, तुरंत पूरे सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया। फ्लाइट को दिल्ली की बजाय तुरंत निकटतम एयरपोर्ट जयपुर की ओर मोड़ा गया।   ​🛡️ एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां तैनात ​इमरजेंसी लैंडिंग के तुरंत बाद विमान को जयपुर एयरपोर्ट के आइसोलेशन बे (Isolation Bay) में ले जाया गया।   ​सीआईएसए...

​🌺 नवरात्रि चतुर्थ दिन: मां कुष्मांडा की पूजा, महिमा, मंत्र और संपूर्ण विधि

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​ 🌟 मां कुष्मांडा की महिमा और विशेषता ​नवरात्रि के चौथे दिन दुर्गा जी के चतुर्थ स्वरूप मां कुष्मांडा की आराधना की जाती है। ​सृष्टि की आद्यशक्ति: मान्यता है कि जब चारों ओर केवल अंधकार था और ब्रह्मांड का अस्तित्व नहीं था, तब मां कुष्मांडा ने अपनी मंद-मंद हंसी (ईषत हास्य) से इस ब्रह्मांड की रचना की थी। इसीलिए इन्हें 'आदिशक्ति' या 'आदिसत्ता' कहा जाता है। ​सूर्यलोक में निवास: नवदुर्गाओं में केवल मां कुष्मांडा ही ऐसी देवी हैं, जो सूर्यमंडल के भीतर निवास करती हैं। उनका तेज और प्रभाव सूर्य के समान ही देदीप्यमान है। ​आरोग्य और सिद्धि की देवी: मां कुष्मांडा की उपासना करने से भक्तों के सभी रोग, कष्ट और शोक दूर होते हैं। मां अपने भक्तों को आयु, यश, बल और आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। ​पेठे (कुम्हड़े) की बलि: 'कुष्मांडा' का अर्थ पेठा (कुम्हड़ा) भी होता है। मां को कुम्हड़े की बलि (या भोग) अत्यंत प्रिय है। ​🧘‍♀️ मां कुष्मांडा का सिद्ध मंत्र ​मां कुष्मांडा की कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा के समय इस मंत्र का जाप करें: ​मुख्य मंत्र: ॐ देवी कुष्माण्डायै नमः॥ ​ध...

ब्रेकिंग न्यूज़: देव दीपावली से पहले वाराणसी को बड़ा उपहार! देश के पहले अर्बन रोप-वे का पहला ट्रायल रन सफल, बदल जाएगा काशी का रूप

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वाराणसी (सच की आवाज न्यूज): ​धर्म और संस्कृति की नगरी काशी (वाराणसी) ने आज एक नया इतिहास रच दिया है। आगामी देव दीपावली उत्सव से ठीक पहले, वाराणसी में देश के पहले शहरी ट्रांसपोर्ट रोपवे (Urban Transport Ropeway) का पहला सफल ट्रायल रन पूरा कर लिया गया है। ​कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया के बीच बन रहे इस विश्वस्तरीय रोपवे प्रोजेक्ट का यह पहला चरण काशी आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहद खास माना जा रहा है। ​ प्रमुख बिंदु: ​ ट्रैफिक से मुक्ति: इस रोपवे के चालू हो जाने के बाद कैंट स्टेशन से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और गोदौलिया जाने वाले यात्रियों को घंटों के ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी और सफर महज 15 मिनट में पूरा होगा। ​ विश्वस्तरीय तकनीक: स्विट्जरलैंड और भारत की अत्याधुनिक तकनीक से बने इस रोपवे की गंडोला (केबल कार) में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ​ देव दीपावली पर विशेष तैयारी: इस बार काशी की विश्वप्रसिद्ध देव दीपावली पर देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों को काशी का विहंगम और अलौकिक रूप हवा से देखने का अवसर मिलेगा। ​मुख्यमंत्री और स्थानीय ...

​🌸 जय माता दी: नवरात्रि की तीसरी पूजा आज! माँ चंद्रघंटा की कृपा से दूर होंगे सभी दुख और भय। जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र और प्रिय भोग... अभी पढ़ें!

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नई  दिल्ली / धार्मिक डेस्क: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व देश भर में बड़ी ही श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्रि के तीसरे दिन जगद्जननी माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप माँ चंद्रघंटा (Maa Chandraghanta) की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि माँ चंद्रघंटा की आराधना करने से भक्त के जीवन से भय, बाधाएं और मानसिक तनाव दूर होते हैं तथा साहस व शांति का संचार होता है। ​ माँ चंद्रघंटा का स्वरूप और नाम का रहस्य ​माँ चंद्रघंटा का स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्रमा (अर्धचंद्र) सुशोभित है, इसी कारण इन्हें 'चंद्रघंटा' कहा जाता है। माता का वाहन सिंह (शेर) है और इनकी दस भुजाएं हैं। माँ के हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार, कमंडल, धनुष, बाण और कमल का फूल सुशोभित है। माँ का यह रूप दुष्टों का विनाश करने के लिए तत्पर रहता है, लेकिन अपने भक्तों के लिए यह अत्यंत सौम्य और वात्सल्य से भरा है। ​ माँ चंद्रघंटा की पूजा विधि और प्रिय भोग ​ पूजा विधि: तीसरे दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद प...

​🚨 BREAKING NEWS: दिल्ली में बड़ी राजनीतिक हलचल! विपक्ष ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

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​ नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में अचानक राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। विपक्षी गठबन्धन (INDIA Bloc) के शीर्ष नेताओं ने चुनाव आयोग (Election Commission) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है। इस दौरान विपक्षी नेताओं के बड़े विरोध मार्च और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के बाद से ही देशभर के राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है। ​ क्या है पूरा विवाद और क्यों सड़क पर उतरा विपक्ष? ​मिली जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी समेत विपक्षी दल के प्रमुख नेताओं ने एकजुट होकर चुनाव आयोग पर 'वोटों की गड़बड़ी' और मतदाता सूची में व्यापक फेरबदल का गंभीर आरोप लगाया है। नेताओं का दावा है कि कई क्षेत्रों में वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो कि लोकतंत्र के ढांचे के खिलाफ है। इसी मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। ​विपक्षी नेताओं ने संसद और सड़कों से प्रदर्शन करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च निकाला और शीर्ष अदालत में अपनी याचिका सौंपी। इस याचिका में चुनाव आयोग की हाल...

नवरात्रि दूसरा दिन: माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, कथा, मंत्र और भोग

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​दुर्गा पूजा और शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन जगज्जननी माँ दुर्गा के द्वितीय स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। 'ब्रह्म' का अर्थ है तपस्या और 'चारिणी' का अर्थ है आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ 'तप का आचरण करने वाली देवी'। ​माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना से भक्त में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। आइए जानते हैं नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, कथा, प्रिय भोग और मंत्र। ​माँ ब्रह्मचारिणी का दिव्य स्वरूप ​माता ब्रह्मचारिणी का स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और मनमोहक है। देवी श्वेत (सफेद) वस्त्र धारण करती हैं। इनके दाहिने हाथ में जप की माला और बाएँ हाथ में कमंडल होता है। माँ का यह रूप हमें सिखाता है कि जीवन में कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। ​माँ ब्रह्मचारिणी की पौराणिक कथा ​कथा के अनुसार, पूर्व जन्म में जब देवी ने हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लिया था, तब नारद जी के उपदेश से उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्...

Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पहला दिन, जानिए मां शैलपुत्री की कथा, स्वरूप, पूजा विधि और महत्व

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​ नमो नमः माता शैलपुत्र्यै नमः! ​शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है और नवरात्रि का पहला दिन देवी दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री को समर्पित होता है। पर्वतीय राज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण इन्हें 'शैलपुत्री' कहा जाता है। मां शैलपुत्री का यह रूप अत्यंत ही शांत, करुणामयी और प्रेरणादायक है। ​मां शैलपुत्री का स्वरूप और विशेषताएं ​वाहन और अस्त्र: मां शैलपुत्री का वाहन वृषभ (नंदी) है, इसलिए इन्हें 'वृषारूढ़ा' भी कहा जाता है। माता के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प सुशोभित रहता है। ​सौभाग्य और स्थिरता की प्रतीक: पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण ये दृढ़ता, धैर्य और स्थिरता का प्रतीक मानी जाती हैं। इनकी उपासना करने से जीवन में आने वाली हर प्रकार की अस्थिरता और बाधाएं दूर होती हैं। ​सुबह पूजा करने का लाभ और महत्व ​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा करने से साधक को विशेष लाभ मिलते हैं: ​मूलाधार चक्र की जागृति: योग साधना और अध्यात्म की दृष्टि से मां शैलपुत्री...